UDP Protocol in Hindi | UDP Full Form in Hindi

UDP क्या है (What is UDP Protocol in Hindi)

UDP Protocol in Hindi : UDP एक Network Communication Protocol के साथ ही एक Transport Layer Protocol भी है जो TCP की तरह काम करता है लेकिन TCP के बिल्कुल विपरीत है। मतलब कि UDP इंटरनेट के माध्यम से Data को भेजने और प्राप्त करने अर्थात Data Transmission के लिए यूज़ में लाया गया है।

यू डी पी को “Fire-and-Forget Protocol” बोला जाता है। क्योंकि यह Data Transfer करने के बाद ध्यान नहीं करता है कि दूसरे Users तक Data Transfer हुआ है या नहीं। इस Protocol में डाटा ट्रांसफर करने हेतु किसी Virtual Circuit की Need नहीं होती।

इस Protocol पर विश्वास नहीं किया जा सकता है क्योंकि जब भी UDP द्वारा Data को Transfer किया जाता है तो कोई Guarantee नहीं होती कि Transfer किया गया Data पूर्ण रूप से अगले User तक पहुँचेगा। ऐसा इस वजह से होता है कि UDP में यूज़र्स के बीच Connection Established नहीं होता है।

UDP में भेजे गए Data Packets को Datagram बोला जाता है। जैसा कि हमने बताया UDP एक Connectionless Protocol है। जिस कारण यूजर द्वारा Transfer Data मतलब Datagrams को UDP द्वारा सीधे ही IP Network Layer पर भेजा जाता है।

UDP का पूरा नाम (Full Form of UDP in Hindi)

UDP Full Form या पूरा नाम “User Datagram Protocol” होता है। UDP मतलब User Datagram Protocol का उपयोग Real-Time Applications में किया जाता है।

User Datagram Protocol कैसे काम करता है?

UDP द्वारा Datagram भेजने के लिए यूज़र्स के बीच कोई Connection नहीं बनाया जाता है। बल्कि Source से Datagram को Destination तक सीधे ही पहुंचाया जाता है।

जब किसी Computer से UDP के जरिए Data Transfer किया जाता है तो पहले Data Packets का Datagram बनाता है। उस डाटाग्राम में Source और Destination दोनों के IP Address और Port Number के साथ ही Computer द्वारा भेजे जाने वाले डाटा को शामिल किया जाता है।

बाद में UDP Datagram को IP Packets में Encapsulated किया जाता है। इस IP Packet में Datagram का Header और Data होता है। अब इन IP Packets को Network layer (IP layer) पर Transmit कर दिया जाता है। IP layer, Source और Destination दोनों के IP Address का उपयोग करके Datagram को Destination तक पहुंचाता है।

UDP द्वारा Destination तक Datagram को भेजने में Connection Established नहीं होता है जिस वजह से UDP कोई परवाह नहीं करता है कि Destination तक data transfer हुआ है या Data Transfer में Error आ गया है इसके अलावा UDP में कोई Error Correction भी नहीं किया जाता है।

UDP Header क्या है (UDP Header in Hindi)

UDP Header एक हिस्सा है UDP Datagram का। UDP Header का साइज 8 byte मतलब कि 64 Bit होता है।

मुख्यतः UDP Header के निम्न चार Parameters होते है –

Source Port – इसमें 2 byte मतलब 16 Bit होते है जो Source के Port Number को Identify करवाता है।

Destination Port – डेस्टिनेशन पोर्ट में भी 2 byte होते हैं जो Destination डिवाइस के Port Number को Identify करवाता है।

Packet Length – पैकेट लेंथ Datagram की लंबाई मतलब Header लम्बाई + Data लम्बाई को Identify करता है। डाटाग्राम की Packet Length भी 2 byte होती है।

Checksum – Cheaksum 16 बिट लंबा Field है जो Datagram के Transmission में Errors को Detect करता है। Cheaksum डेस्टिनेशन डिवाइस को Verify करने के लिए Allow करता है कि transmission के दौरान Datagram में Error आया है या नहीं।

UDP के आवश्यक Features और विशेषताएँ

  • UDP पर आँख मूंद कर विश्वास नहीं किया जा सकता अर्थात यह Protocol अविश्वसनीय है।
  • यूडीपी एक Connectionless Protocol है अर्थात Source और Destination के बीच संपर्क नहीं बनता है।
  • User Datagram Protocol नॉर्मली एक फ़ास्ट प्रोटोकॉल है जो तेजी से Datagrams का Transmission करता है।
  • यू डी पी broadcast और Multicast कॉम्युनिकेशन दोनों को Support करता है।
  • UDP का उपयोग Domain Name Server मतलब DNS और SNMP के लिए किया जाता है।
  • UDP की Speed अधिक होने के कारण Real Time Applications और Video Streaming में अधिक उपयोगी है।

UDP के फ़ायदे (Advantages of UDP Protocol in Hindi)

  • UDP काफी ज्यादा तेज Protocol है जिससे तेजी से Datagram को Transmit किया जाता है।
  • Transmission के समय UDP द्वारा Errors का पता लगाने हेतु Checksum का यूज़ किया जाता है।
  • TCP की तरह UDP में Data Transmission के लिए Connection बनाने की जरुरत नहीं होती है।
  • UDP के द्वारा Broadcast और Multicast ट्रांसमिशन किए जा सकते हैं।

UDP के Disadvantages in Hindi

  • UDP में यह आवश्यक नहीं है कि जिस sequence में डाटा भेजा जाता है उसी Sequence में डाटा प्राप्त हो।
  • UDP में Connection स्थापित नहीं होता है जिस वजह से UDP यह ध्यान नहीं करता कि Destination तक डाटा Receive हुआ है या नहीं।
  • यू डी पी कोई Guarantee नहीं देता कि भेजा गया संपूर्ण Data डेस्टिनेशन तक बिना किसी Error के पहुँचेगा।
  • UDP में Source को Destination Device की Data Capacity का पता नहीं होता है अगर Source अधिक Speed से Data भेजता है तो Destination Device उस डाटा को Handle नहीं कर पाता है और इससे Data loss होता है।

UDP और TCP में अन्तर (UDP vs TCP in Hindi)

User Datagram ProtocolTransmission Control Protocol
यह Connection less होता है।यह Connection Oriented होता है।
संपूर्ण Data ट्रांसफर करने की Guarantee नहीं देता है।Data Transfer करने की Guarantee देता है।
यह Reliable नहीं है।यह पूर्णतया Reliable है।
UDP की Speed बहुत ज्यादा होती है।TCP की Speed नॉर्मली UDP की तुलना में कम होती है।
UDP का Header size 8 Byte होता हैं।TCP का Header size 20 Byte होता है।
UDP में Network Flow Control नहीं होता है।TCP में Network Flow Control होता है।
UDP में Error Checking की कम Facilities होती है।TCP में Error Checking की Facilities अधिक है।
UDP का उपयोग Real-time applications और Video streaming में किया जाता है।TCP का उपयोग web browsing, file transfer और emails में किया जाता है।

UDP Kya Hai – Conclusion

UDP का Full Form होता है User Datagram Protocol. UDP एक Network Communication Protocol है जिसके जरिए दो डिवाइसों के बीच बिना कोई Connection Established किए Data Packets – जिसे Datagram बोला जाता है – का तेजी से Transmission किया जा सकता है।

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