File Transfer Protocol क्या है सम्पूर्ण जानकारी!

File Transfer Protocol FTP kya Hai : इंटरनेट पर आज Web Development के क्षेत्र में FTP बहुत प्रचलित है। जहाँ कुछ इंटरनेट यूज़र्स इसके बारे में जानते हैं लेकिन बहुत से लोग है जो आज भी File Transfer Protocol के बारे में नहीं जानते है।

FTP एक Standard Network Protocol है जिसके जरिए इंटरनेट पर डाटा का Transmission किया जाता है। क्या आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर FTP Kya Hai in Hindi, FTP कैसे काम करता है? Types of FTP in Hindi क्या है, FTP का इतिहास क्या है? FTP Full Form in Hindi, FTP के फायदे और नुकसान, FTP और HTTP में क्या अंतर है SFTP और FTPS क्या है? FTP Commands in Hindi क्या है।

FTP क्या है (What is FTP in Hindi)

FTP एक Client-Server नेटवर्क प्रोटोकॉल है जो एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में Files या Data को Transfer करने के लिए जिम्मेदार है। एक कंप्यूटर Client और दूसरा कंप्यूटर Server होता है जिनके मध्य Documents का विनिमय होता है। Client Computer और Server Computer के बीच TCP/IP कनेक्शन पर फाइल्स को Transfer किया जाता है। FTP को Application Layer Protocol कहा जाता है।

जब एक वेब डेवलपर किसी Website को Create करके उसका सेटअप करता है तो उसके बाद Hosting या Server पर FTP के माध्यम से ही Web Pages, data और Files को अपलोड किया जाता है। FTP प्रोटोकॉल के जरिए Client द्वारा Server पर डाक्यूमेंट्स को अपलोड, Rename, कॉपी, Move और Delete के साथ ही फाइल्स को डाउनलोड भी किया जाता है।

FTP Full Form in Hindi

FTP का फुल फॉर्म File Transfer Protocol होता है जो कि एक Standard Network Protocol है जिसको इंटरनेट पर Files और Documents को Transmit करने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

FTP Server को उपयोग में लाने हेतु कुछ विशेष Softwares की आवश्यकता होती है। FTP Server के लिए Developers द्वारा उपयोग में लाये जाने वाले Popular सॉफ्टवेयर में FileZilla, WinSCP और Cyberduck शामिल है।

FTP का इतिहास (History of FTP in Hindi)

FTP एक File Transfer Protocol है जिसका इतिहास करीबन 50-55 साल पुराना है। FTP को 1971 में Massachusetts Institute of Technology के स्टूडेंट Abhay Bhushan द्वारा बनाया गया था। File Transfer Protocol का पहला Specification 16 अप्रैल 1971 को पब्लिश किया गया था। FTP का उपयोग शुरू में ARPANET के कंप्यूटर से MIT के कंप्यूटर तक Files को भेजने के लिए हुआ था।

शुरू में Abhay Bhushan द्वारा Unix OS के लिए कमांड लाइन इंटरफ़ेस का इस्तेमाल किया। FTP के प्राइमरी Version में Network Control Program (NCP) का उपयोग होता था लेकिन कुछ सालों बाद Simplicity और Security को ध्यान में रखते हुए FTP में NCP के स्थान पर TCP/IP का इस्तेमाल किया जाने लगा।

1980 में FTP को पॉपुलरटी प्राप्त हुई और सभी जगह इसका यूज़ किया जाने लगा। इसी साल दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट Jon Postel ने RFC 765 नामक FTP का नया Version डेवेलोप किया।

1985 में FTP का नया संस्करण जारी किया गया जो कि RFC 959 था। इसमें एक फाइल डायरेक्टरी को बनाने और निकालने की क्षमता थी। इसी वर्ष IETF द्वारा FTP के RFCs को Standardize किया।

साल 1990 में FTP का उपयोग Files और Data को Update और Download करने के लिए किया जाने लगा। 1997 में FTP का न्यू वर्शन RFC 2228 जारी हुआ।

FTP प्रोटोकॉल के प्रकार (Types of FTP Protocol in Hindi)

File Transfer Protocol के बहुत से Types है जिनमे कुछ Type निम्न प्रकार है –

Anonymous FTP

यह एक पब्लिकली उपलब्ध FTP प्रोटोकॉल है जिसमे बिना Username और Password के भी FTP Server में लॉगिन किया जा सकता है और आसानी से इंटरनेट डाटा को Transmit किया जा सकता है।

Password Protected FTP

इस FTP में फाइल्स और डाटा के Transmission के लिए Username और Password की आवश्यकता होती है। यह एक बुनियादी और कम सुरक्षित FTP Protocol है।

SHH FTP (SFTP)

FTPS जो है वो FTP का एक सिक्योर Version है जिसको SSH FTP के नाम से भी जाना जाता है। SSH FTP का पूरा नाम Secure Shell File Transfer Protocol होता है। Secure Shell को फाइल्स और डेटा को सुरक्षित रखने के लिए FTPS में उपयोग में लाया जाता है। इसमें डाटा Encrypted होता है जिस कारण यूज़र्स का डाटा पूर्ण रूप से सिक्योर रहता है।

Web File Transfer Protocol

यह FTP का एक डिफरेंट Version है इसका इस्तेमाल अक्सर Designers और Web Developers द्वारा इंटरनेट सर्वर पर Web Pages और Files को अपलोड करने के लिए किया जाता है।

FTP Secure (FTPS)

FTPS में डाटा को सिक्योर रखने के लिए SSL को उपयोग में लाया जाता है। FTPS का पूरा नाम File Transfer Protocol Secure अथवा File Transfer Protocol SSL होता है। जिसके जरिए सारे डाटा को Encrypt रखा जाता है। SSL का फुल फॉर्म Secure Sockets Layer होता है। यह FTP का एक अधिक विकसित और सुरक्षित version है।

FTP क्लाइंट के प्रकार ( FTP Client in Hindi)

FTP Client एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जिसके जरिए FTP Client पर Files को अपलोड, डिलीट, डाउनलोड और मैनेज कर सकते हैं। FTP क्लाइंट के लिए बहुत से सॉफ्टवेयर मौजूद हैं जिनमे से कुछ महत्वपूर्ण निम्न है-

FileZilla – यह FTP क्लाइंट Windows, Linux और MacOS के लिए उपलब्ध है यह FTP, FTPS और SFTP के साथ ही Multiple connections को सपोर्ट करता है।

Cyberduck : यह Open Source एफटीपी क्लाइंट है जो Google Cloud Storage और Amazon S3 को सपोर्ट करता है। यह केवल Windows और MacOS पर उपलब्ध है।

Transmit : यह Google Drive, SSH, FTP और WebDAV को भी सपोर्ट करता है लेकिन यह केवल MacOS के लिए उपलब्ध है Windows के लिए नहीं।

WinSCP : यह SSH, FTP और SFTP को सपोर्ट करता है। यह केवल Windows के लिए अवेलेबल है।

CuteFTP : यह एक पॉपुलर एफटीपी क्लाइंट है जो windows पर अवेलेबल है। यह काफी ज्यादा Customisable क्लाइंट है।

FTP प्रोटोकॉल कैसे काम करता है?

FTP एक क्लाइंट और सर्वर के बीच का Protocol है। जिसके द्वारा इंटरनेट पर Files और Data का Transmission सक्षम हो पाता है। चलिए अब जानते हैं कि FTP कैसे काम करता है और इसकी क्रियाविधि क्या है।

File Transfer Protocol के माध्यम से डेटा के Transmission के लिए FTP Client को FTP Server के साथ कनेक्ट किया जाता है। FTP Server में लॉगिन करने के लिए Username और Password की जरूरत होती है। जो कि FTP Client द्वारा तब उपलब्ध कराए जाते है जब FTP Client द्वारा Files और Data के लिए FTP Server के पास अनुरोध भेजा जाता है।

डाटा प्राप्त करने के लिए FTP Client द्वारा FTP Server पर Commands भेजे जाते है जिन Commands को FTP Server रिसीव कर उसकी विश्वसनीयता की जाँच करता है उसके पश्चात ही रिक्वेस्ट किए गए Files और Data को Transfer करता है। FTP के द्वारा Client एक FTP Server पर फाइल्स को Upload, Download, Rename, Delete, Copy और Transfer कर सकता है।

FTP कनेक्शन के प्रकार (FTP Connections in Hindi)

यूजर द्वारा FTP क्लाइंट और FTP सर्वर के मध्य कनेक्शन स्थापित करने के लिए दो Communication Channels की जरूरत होती है।

Control Connection

यूजर द्वारा FTP Client के जरिए FTP Server को Command भेजने और FTP Server से किसी मैसेज को क्लाइंट द्वारा प्राप्त करने के दौरान TCP/IP के कारण एक Control Connection बनता है।

Data Connection

FTP सर्वर द्वारा FTP क्लाइंट को डेटा भेजने या FTP Client द्वारा Server पर फाइल्स को अपलोड, डाउनलोड और मैनेज करने के दौरान एक Data Connection बनता है।

FTP Connection मुख्यतः दो Mode पर कार्यरत होते है जो की निम्न प्रकार है।

Active Mode

Active FTP में Client द्वारा Port 21 पर Server के साथ एक कनेक्शन बनाया जाता है। एक्टिव एफटीपी को इस्तेमाल किया जाता है ताकि Server से Client का डाटा पोर्ट Access किया जा सकता है। इसके बाद client के Port Number से Server को एक Command भेजी जाती है। प्राप्त Port Number पर Server द्वारा कनेक्शन शुरू करता है और डिमांड किए गए फाइल्स को Transfer करना शुरू कर देता है।

Passive Mode

Passive Mode में यूजर द्वारा FTP Client पर एक रैंडम पोर्ट से Server के Port 21 पर Connection बनाता है। फिर FTP Client द्वारा Server पर PASV कमांड भेजी जाती है। जिससे Server को पता चलता है कि उसे किसके साथ Connect होना है।

अब Server द्वारा फाइल्स ट्रांसफर हेतु Client के लिए एक IP Address और Port Number भेजा जाता है। अब FTP क्लाइंट द्वारा भेजे गए पोर्ट नंबर पर कनेक्शन बना लिया जाता है उसके बाद क्लाइंट द्वारा रिक्वेस्ट किए गए Files को Server द्वारा Transfer कर दिया जाता है।

FTP और HTTP में अन्तर (FTP vs HTTP)

FTPHTTP
FTP का फुल फॉर्म File Transfer Protocol होता है।HTTP का फुल फॉर्म Hyper Text MarkUp Language होता है।
बड़ी साइज के फाइल्स के Transmission के लिए FTP अच्छा है।छोटी साइज के फाइल्स के Transmission के लिए HTTP अच्छा है।
इसमें फाइल्स transfer करने के लिए Binary Code का इस्तेमाल होता है।इसमें फाइल्स Transfer करने के लिए MIME फॉर्मेट का इस्तेमाल होता है।
FTP में TCP के पोर्ट नम्बर 20 और 21 का इस्तेमाल किया जाता है।HTTP में TCP के पोर्ट नंबर 80 का इस्तेमाल किया जाता है।
FTP में Transfer Files कंप्यूटर की मेमोरी में सेव होते है।इंटरनेट से प्राप्त फाइल्स डिवाइस में save नहीं होती है।
यह HTTP से कम सिक्योर है।यह FTP से अधिक सुरक्षित है जब Https को उपयोग में लाया जाए।
FTP के उदाहरण FileZilla, WinSCP और Cyberduck है।HTTP के उदाहरण Google Chrome और Mozilla Firefox है।

FTP के फायदे और नुकसान

File Transfer Protocol के बहुत से फायदे है जिनमे से कुछ निम्न है-

  • FTP फाइल्स का Transmission भी तेजी से कर सकता है। जिससे समय की बचत होगी।
  • यह सभी तरह के Hosts और Servers को Support करता है।
  • FTP बहुत ही ज्यादा सुरक्षित है जिससे यूज़र्स के डाटा Loss होने का खतरा नहीं होता।
  • इसके जरिए बहुत से फाइल्स या डिरेक्टरीज़ को एक साथ ट्रांसफर किया जा सकता है।
  • FTP द्वारा Automatic File Transfer किए जा सकते है।

FTP के बहुत से फायदे होने के साथ ही इसके कुछ नुकसान भी है जो निम्न है-

  • Data Transmission के दौरान Encryption की फैसिलिटी उपलब्ध नही है।
  • इसमें Errors और Viruses को खोजना काफी कठिन है।
  • यदि दोनों डिवाइस में FTP Client इनस्टॉल नहीं है तो Transmission में प्रॉब्लम आती है।
  • FTP बड़े फाइल्स को ट्रांसफर करने में काफी समय लेता है।

FTP Commands in Hindi

FTP में बहुत से Commands को इस्तेमाल में लाया जाता है जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण Commands निम्न है-

OPEN - FTP Server से Connection बनाने के लिए।
USER - यूजर का Username, सर्वर तक भेजने के लिए।
PASS - यूजर का Password सर्वर तक भेजने के लिए।
GET - रिमोट सर्वर से फाइल्स Download करने के लिए।
PUT - FTP सर्वर पर फाइल्स Upload करने के लिए।
STOR - FTP सर्वर पर फाइल्स स्टोर करने के लिए।
PORT - फाइल्स को ट्रांसफर करने के लिए।
CWD - वर्तमान working डायरेक्टरी को बदलने के लिए।
MKD - नई डायरेक्टरी बनाने के लिए।
RMD - वर्तमान डायरेक्टरी को हटाने के लिए।
SEND - एक File को भेजने के लिए।
QUIT - FTP सर्वर से Disconnect करने के लिए।

FTP kya Hai in Hindi – Conclusion

FTP का पूरा नाम File Transfer Protocol होता है जो कि दो Computers या Devices के बीच फाइल्स को Transfer करने में इस्तेमाल किया जाता है। इस आर्टिकल में हमने उपलब्ध कराया है कि FTP kya hai, FTP Full Form, FTP Client के Types क्या है, FTP का इतिहास क्या है, FTP के प्रकार क्या है, FTP Commands in Hindi, FTP के फायदे और नुकसान क्या है? FTP और HTTP में क्या अंतर है।

उम्मीद करते हैं कि आप इस आर्टिकल के जरिए File Transfer Protocol के बारे में जान चुके होंगे और आपको जानकारी पसंद आयी होगी। हमने सारी जानकारी को सरल और आसान भाषा में समझाने की कोशिश करी है। फिर भी आप FTP से रिलेटेड कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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